गुप्त नवरात्र कल से, जानें क्यों हैं खास..?

भारत में नवरात्रि की विशेष महत्वता हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हर साल चार नवरात्रि आती हैं जिनमे से दो गुप्त नवरात्रि होती हैं। अपने नाम के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में गुप्त सिद्धियों को प्राप्त किया जाता हैं। माघ महीने यानी जनवरी या फरवरी माह में पड़ने के कारण इन नवरात्रों को माघ नवरात्रि भी कहा जाता है। अपने नाम के अनुसार गुप्त होने के कारण ही अधिकतर लोग गुप्त नवरात्रि के बारे में नहीं जानते हैं। बहुत ही कम लोगों को इस नवरात्रि के बारे में जानकारी होती हैं। इस दिन काफी प्रदेशों में माँ भगवती की पूजा करने का विशेष विधान हैं। इस दिन माँ भगवती के सभी 9 रूपों की पूजा की जाती है।

 

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जानिए क्या हैं विशेष इस नवरात्रि में:

  • जिस प्रकार नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, उसी प्रकार गुप्त नवरात्र में विशेष तौर दस महाविद्याओं की साधना की जाती है।
  • गुप्त नवरात्रि विशेषकर तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्त्व रखती है। देवी भगवती के साधक बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना करते हैं।
  • गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या (तंत्र साधना) के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।

 

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कैसे करनी चाहिए माँ की आराधना:

  • मां की पूजा विधि के लिए नौ दिनों तक कलश की स्थापना की जा सकती है।

  • नवरात्रों में माँ भगवती की आराधना दुर्गा शाप्सती से की जाती है।

  • इस दिन भगवान शिव रचित “सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ” बहुत ही प्रभावशाली माना गया हैं।

  • दुर्गा सप्तशती का सम्पूर्ण फल प्रदान करने वाला है।

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