छठ पूजा 2017: पूजा तिथि; भगवान राम, सूर्य पुत्र कर्ण और राजा प्रियव्रत से जुड़ी रोमांचक कहानियाँ..!

छठ भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे भगवान सूर्य देव को समर्पित किया जाता है। उत्तर भारत में छठ पर्व की बहुत जयादा मान्यता है। महापर्व के नाम से मनाए जाने वाला यह पर्व 4 दिन तक चलता है जिसमे सभी श्रद्धालु लगातार  36 घंटे का निर्जला उपवास करते है।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन छठ पूजा की जाती है। इस दिन पूरे भारत में भगवान सूर्य और छठी माँ की पूजा की जाती है। इन्हें वेदों में ऊष्मा के नाम से भी जाना है। लोग अपनी सारी परेशानियों को दूर करने के लिए इस पूजा को करते है।

2017 में छठ पूजा की तारीख:

  • मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017, स्नान और खाने का दिन है।
  • बुद्धवार, 25 अक्टूबर , 2017 उपवास का दिन है जो 36 घंटे के उपवास के बाद सूर्यास्त के बाद समाप्त हो जाता है।
  • गुरुवार, 26 अक्टूबर , 2017 संध्या अर्घ्य का दिन है जो की संध्या पूजन के रूप में जाना जाता।
  • शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2017 सूर्योदय अर्घ्य और पारान या उपवास के खोलने का दिन है।

 

  1. इस पर्व को लेकर बहुत सारी मान्यताएं प्रचलित है। इनमे से एक प्रसिद्ध मान्यता यह है की यह पूजा पांडवों और द्रौपदी ने अपने कष्टों के निवारण के लिए और अपना राज्य वापिस पाने के लिए की थी।

  2. माना जाता है की यह पूजा सूर्य के पुत्र कर्ण ने शुरू की थी और वह षष्ठी और सप्तमी के दिन सूर्यदेव की विशेष पूजा करते थे।

  3. छठ पूजा मनाने के पीछे दूसरी ऐतिहासिक कथा भगवान राम की है। 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम और माता सीता ने अयोध्या वापस आकर राज्यभिषेक के दौरान उपवास रखकर कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष में भगवान सूर्य की पूजा की थी। उसी समय से, छठ पूजा हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण त्यौहार बन गया और लोगों ने उसी तिथि को हर साल मनाना शुरु कर दिया।

  4. एक पौराणिक कथा यह भी है की प्रियव्रत नामक एक राजा था जिसकी कोई संतान नहीं थी। संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने एक दिन पुत्रयेष्टि यज्ञ किया जिसके बाद महारानी ने एक पुत्र को जन्म दिया, लेकिन वह मरा पैदा हुआ। राजा मृत बच्चे को दफनाने की तैयारी कर रहे थे, तभी छठी देवी प्रकट हुई देवी ने शिशु के मृत शरीर को स्पर्श किया, जिससे वह जीवित हो उठा। इसके बाद से ही राजा ने अपने राज्य में यह त्योहार मनाने की घोषणा कर दी।

           

          छठ पूजा के और भी कई विशेष लाभ है। छठ पूजा, भक्त के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को अच्छा बनाती है। यह श्वेत रक्त कणिकाओं की कार्यप्रणाली में सुधार करके रक्त की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।  यही नहीं छठ पूजा का अनुष्ठान मानसिक शांति देता है और जीवन की नकारात्मक भावनाओं को बहुत ही कम कर देता है। सूर्य देव से ही जीवन का आधार है इसीलिए भगवान सूर्य का शुक्रिया अदा करने के लिये लोग छठ पूजा करते हैं।

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