रक्षाबंधन विशेष: रक्षाबंधन और ग्रहण है एक ही दिन, क्या है शुभ मुहूर्त?

रक्षाबंधन सनातन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना गया है। इस साल रक्षाबंधन बहुत ही ख़ास है क्योंकि इस साल यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि – सोमवार, 7 अगस्त 2017 को पड़ रहा है। इस साल विशेष बात यह भी है की रक्षाबंधन और खंडग्रास चन्द्र ग्रहण का एक साथ योग बन रहा है। यह खंडग्रास चन्द्रग्रहण संपूर्ण भारत में दृश्यमान होगा। भारत के अतिरिक्त यह चन्द्रग्रहण दक्षिणी और पूर्व एशिया के अधिकतर देशों, संपूर्ण यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा। शास्त्रों के अनुसार, चन्द्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

ग्रहण का स्पर्श 7 अगस्त की रात्रि 10 बजकर 29 मिनिट से शुरू तथा समाप्ति मध्यरात्रि 12 बजकर 22 मिनिट पर होगी। ग्रहण का सूतक काल दोपहर 1 बजकर 29 मिनिट से मान्य होगा और इस समय को शुभ मंगल कार्यों के लिए अशुभ माना जाएगा। इसी दिन सुबह 11:05 बजे तक भद्रा भी उपस्थित रहेगी और भद्रा काल को शुभ मंगल कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना गया है। इसलिए सुबह 11 बजकर 5 मिन्ट पर भद्रा समाप्त होने पर ही राखी बांधना शुभ होगा।

2017 – रक्षाबंधन का श्रेष्ठ मुहूर्त, सुबह 11:05 से दोपहर 1:28 तक  है ।

अगर रक्षाबंधन इस श्रेष्ट मुहूर्त में संपन्न किया जायेगा तो यह पर्व बहुत ही फलदायी माना जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा और खंडग्रास चन्द्र ग्रहण के सूतक काल को देखते हुए राखी बांधने के लिए सुबह 11 बजकर 5 मिन्ट से लेकर दोपहर 1 बजकर 28 मिन्ट तक का समय ही मंगल दायक और लाभकारी है।

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