शनि प्रदोष व्रत: चाहते हैं सौभाग्य तो जरूर करें ये उपाय

हिन्दू शास्त्रों में प्रदोष व्रत का बेहद महत्व है। यह एक प्रकार की प्रतिज्ञा मानी जाती है, जो देवी-देवताओं को प्रसन्न कर, उनकी कृपा दिलाती है। कहते हैं यह प्रतिज्ञा काफी कठोर होती है, जो सही रूप से व्रत का पालन करता है, उसमें अपने अनुसार कोई बदलाव नहीं करता, वह व्रत के कठोर तप को भली-भांति जानता है।

शनि देव, जो कि मनुष्य को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं और यदि मनुष्य कुकर्म करे तो तुरंत ही चोट भी मारते हैं, उन्हें प्रसन्न करने के लिए शनि प्रदोष व्रत किया जाता है। प्रदोष व्रत करने से हर सुख की प्राप्ति संभव है। यह व्रत प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। विभिन्न वारों के साथ यह व्रत विभिन्न योग भी बनाता है।

प्रदोष व्रत शनिवार में आने से “शनि प्रदोष व्रत” का योग बनता है। पुराणों के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत करने से पुत्र की प्राप्ति होती है। इस दिन यदि शनि से संबंधित कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो दुर्भाग्य दूर होता है।

जानिए व्रत के दिन क्या करना चाहिए:

  • प्रदोष व्रत में बिना जल पिए व्रत रखना होता है। सुबह स्नान करके भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराकर बेल पत्र, गंध, अक्षत (चावल), फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग व इलायची चढ़ाएं।
  • शाम के समय भी पुन: स्नान करके इसी तरह शिवजी की पूजा करें। सभी वस्तुओं को दोबारा से शिवजी को अर्पित करें।

  • भगवान शिव की सोलह सामग्री से पूजा करें। भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। इसके बाद आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। जितनी बार आप जिस भी दिशा में दीपक रखेंगे, दीपक रखते समय प्रणाम अवश्य करें।
  • अंत में शिव आरती करें और साथ ही शिव स्त्रोत, मंत्र जाप करें। रात्रि में जागरण करें। शनि प्रदोष के दिन पूजा के अलावा शनिदेव से संबंधित उपाय करने से, शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

 

शनि देव को प्रसन करने से क्या करना चाहिए इस दिन:

  • इस दिन कांसे की कटोरी में तिल का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उसे शनिदेव का दान लेने वाले व्यक्ति को दान कर दें।

  • एक काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, दो लड्डू, कोयला व लोहे की कील लपेटकर बहते जल में प्रवाहित कर दें। ध्यान रहे कि यह जल साफ ही हो.

  • शनि प्रदोष के दिन काली गाय को बूंदी के लड्डू खिलाएं। गाय के माथे पर कुंकुम का तिलक लगाकर पूजा करें। यह उपाय हर शनिवार को भी करेंगे, तो शनिदेव प्रसन्न होंगे।

  • काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं। शनि प्रदोष के दिन या फिर हर शनिवार ही शनि मंत्र का जाप करें। जाप कम से कम एक माला अवश्य करें।

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