जानिए करवाचौथ से सम्बंधित कुछ रोचक और जरूरी बातें..!

यह बात तो सब ही जानते है की करवाचौथ के दिन सब सुहागिनें निर्जला उपवास रखकर, अपने पति के लम्बे आयु की कामना करती है. कई कुवारी लड़कियां भी भविष्य में अच्छे पति की कामना के लिए इस दिन व्रत करती है. इस दिन सभी महिलाएं चाँद और भगवान शिव और पारवती की पूजा करकर और खुशियों की कामना करती है. यह व्रत सूरज के उदय होने से पहेले शुरू किया जाता है और चाँद के उदय होने पर सम्पन्न होता है.

आइए जानते है इस पर्व से सम्न्बंधित कुछ रोचक बातें:

  • करवाचौथ में सरगी का काफी महत्व है। सरगी सास की तरफ से अपनी बहू को दी जाने वाली आशीर्वाद रूपी अमूल्य भेंट होती है।

  • ‘करवाचौथ’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘करवा’ यानी ‘मिट्टी का बरतन’ और ‘चौथ’ यानि ‘चतुर्थी’। इस त्योहार पर मिट्टी के बरतन यानी करवे का विशेष महत्व माना गया है। इसीलिए व्रत रखने वाली महिलाओं द्वारा मिलकर व्रत की कथा सुनते समय चीनी अथवा मिट्टी के करवे का आदान-प्रदान करना अच्छा माना जाता है.
  • करवाचौथ की कथा सुनने से विवाहित महिलाओं का सुहाग बना रहता है। उनके घर में सुख, शान्ति, समृद्धि बनी रहती है और सन्तान सुख मिलता है।
  • श्री कृष्णा ने स्वयं द्रौपदी को इस व्रत की मान्यता के बारे में बताया था. द्रौपदी ने भी इस व्रत को रखा था और माना जाता है की इसी व्रत के प्रभाव से युध्स्थल में पांडवों की जीत हुई थी और कौरवों की हार.

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