दिवाली – क्या है अर्थ एवं महत्त्व?

पंचांग और तिथिनुसार दीपावली का त्यौहार, कार्तिक महीने में पड़ने वाले कृष्णपक्ष के पन्द्रवहें (15वें) दिन पड़ता है इस दिन अमावस्या भी पड़ती है 2018 में दीपावली की तारीख 7 नवम्बर रही  धनतेरस के दो दिन बाद और नरक चतुर्दशी के अगले दिन पड़ने वाली दीपावली का अध्यात्मिक और भौतिक महत्व दोनों है कथाओं के मुताबिक़ इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम 14 वर्ष का वनवास काट कर अयोध्या वापिस लौटे थे 

भगवान् राम की अयोध्या वापसी पर अयोध्या निवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था इसी उपलक्ष्य में हर साल दीपावली मनाई जाती हैकुछ लोग इसे पांडवों के 12 साल के वनवास और एक साल के अज्ञातवास के बाद उनकी वापसी से जोड़ कर भी देखते हैं इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि  जैन समुदाय के 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी को इसी दिन निर्वाण प्राप्त हुआ था लोग इसे अन्धकार पर प्रकाश की विजय के तौर पर भी मनाते हैं ये त्यौहार हिन्दूजैनसिख धर्म द्वारा पूरी दुनिया में जोशखरोश के साथ मनाया जाता है हालांकि इतिहास देखें तो अकबर, जहांगीर के अलावा मुग़ल शासनकाल के अंतिम बादशाह, बहादुर शाह ज़फर, भी दीपावली के त्योहार का आनंद लेते थे 

दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों, दीप+आवली, से हुई हैदीपका मतलब दिया औरआवलीका मतलब श्रृंखला ! यानि दीपों की श्रंखला दीपावली का त्योहार  भारत, नेपाल, श्रीलंका के अलावा म्यांमार, इंडोनेशिया, अमेरिका, न्यूज़ीलैंड, फिज़ी, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, गुयाना,सिंगापुर सहित दुनिया के कई देशों में धूमधाम से मनाया जाता है इस दिन दीप दान व् मनमोहक रौशनी की सजावट के साथ आतिशबाजी भी जमकर होती है 

पूजा पाठ की बात करें तो दीपावली पर लक्ष्मीगणेश की पूजा का विधान है ! लोग इस दिन को लक्ष्मी के आगमन की संभावना के तौर पर देखते हैं ,लिहाज़ा, इस दिन लोग जमकर निवेश करते हैं  दीपावली के त्यौहार पर सबसे ज़्यादा खरीददारी सोने की होती हैतंत्रमन्त्र में रुचि रखने वालों के लिए दीपावली की अमावस की रात बड़ी अहम् होती हैतंत्र विद्या से जुड़े लोगइस दिन को, ऋद्धिसिद्धि प्राप्ति से जोड़ कर भी देखते हैं 

हालांकि आम आदमी दीपावली पर जिस प्रार्थना को बुदबुदाता है , वो है….. 

।। असतो मा सद्गमय ।। 

।। तमसो मा ज्योतिर्गमय ।। 

।। मृत्योर्मा अमृतं गमय ।। 

।। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥  

दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो कई अवधारणाओं को एक साथ संजोया रहता है  जहां एक ओर अध्यात्मिक महत्व से परमात्माअंतरात्मा, ज्ञानअज्ञान, अंधकारप्रकाश जैसी बातों को अहमियत मिलती है वही दूसरी तरफ़ भौतिकवादी जीवन का आकर्षण भी बना रहता है। ज़ाहिर है, दीपावली का त्योहार अदभुतअविश्वसनीयअकल्पनीय है 

 

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