जानिए मोक्ष की नगरी “काशी” के रोमांचक और रहस्यमय तथ्य..!!

‘काशी’ या ‘वाराणसी’ जिसे मोक्ष की नगरी कहा जाता है, इसका इतिहास हज़ारों वर्ष पुराना है और अपने में अनेकों रहस्यों को समेंटे हुए है। ऐसी मान्यता है कि काशी शहर शिव के त्रिशूल पर टिका हुआ है और यहाँ प्राण त्यागने वालों को काशी स्वामी ‘भगवान विश्वनाथ या विश्वेश्वर‘ मोक्ष प्रदान करते हैं। काशी शब्द का उद्गम ‘कास’ से हुआ है जिसका अर्थ है ‘चमकने वाला’ । यहाँ पर स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, भगवान शिव को समर्पित ‘काशी विश्वनाथ’ या ‘विश्वेश्वर’ मंदिर एक प्रमुख तीर्थ-स्थल है, जिसमें स्थापित शिवलिंग एक स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है, अर्थात स्वयं प्रगट हुआ। काशी विश्वनाथ में दर्शन करने से सब भयों व पापों से मुक्ति मिलती है तथा परम शक्ति की प्राप्ति होती है। इसलिए यहाँ रोज़ हज़ारों की संख्या में भक्त दर्शन हेतु आते हैं।

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गंगा किनारे स्थित शिव की नगरी “काशी”

आइये जानते हैं शिव की नगरी काशी से सम्बंधित कुछ रोचक तथ्य :

  • माना जाता है कि जब पृथ्वी का निर्माण हुआ था, तब सूर्य की पहली किरण काशी की भूमि पर पड़ी थी।
  • काशी का निर्माण बहुत तांत्रिक ढ़ंग से हुआ है, इसलिए यह एक असीम ऊर्जावान क्षेत्र है, जहाँ दर्शन मात्र से एक अद्भुत शक्ति मिलती है।
  • वाराणसी में नवग्रह भी शिव की मर्ज़ी के बिना नहीं चल सकते। एक बार जब शनिदेव, शिव से मिलने काशी आये थे तब साढ़े सात वर्ष तक विश्वनाथ में घुस नहीं पाए थे।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर को “गोल्डन टेम्पल‘” के नाम से भी जाना जाता है क्यूंकि इंदौर के महाराजा रंजीत सिंह ने इसके शिखरों को जो 15.5 मी. लम्बे हैं, को 1 टन सोने से मढवाया था। यह बात अपने आप में एक अद्भुत मिसाल है।
  • वाराणसी नगरी में 100 से अधिक पवित्र गंगा घाट हैं जहाँ पर स्नान करने व दाह-संस्कार होने से पापों से मुक्ति तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहाँ के मुख्य घाट हैं : दशाश्वमेध, अस्सी, मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र, तुलसी, राणा महल,ललिता, बनारस, सिंधिया, मनमंदिर आदि।
  • ऐसी मान्यता है कि काशी विश्वेश्वर मंदिर के शिखर पर मौजूद सोने के छत्र के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • ऐसा कहते हैं कि काशी में शिव मरने वालों को तारक मंत्र देते हैं जिससे उनको मोक्ष व सद्गति मिल सके।
  • काशी विश्वनाथ मंदिर स्थापत्य कला की दृष्टि से एक उत्कृष्ट एवं बेजोड़ इमारत है जिसका कई बार विध्वंस और निर्माण हुआ है।
  • एतिहासिक तथ्यों के मुताबिक, काशी विश्वनाथ की प्राचीन मूर्ति, मंदिर के पास स्थित ज्ञान व्यापी मस्जिद में रखा गया है।

Sarnath Temple

सारनाथ मंदिर

काशी व आस – पास के क्षेत्र में अनेक दर्शनीय धार्मिक स्थल हैं जो बरबस ही आपको सम्मोहित कर लेंगे और आप बार-बार शिव की मोक्ष नगरी में खिंचे चले आयेंगे। यहाँ के मुख्य मंदिरों व दार्शनिक स्थलों में नया विश्वनाथ मंदिर जो बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में स्थित है, संकट मोचन हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर, तिब्बतन मंदिर, तुलसी मानस मंदिर, ज्ञान व्यापी मस्ज़िद,राम नगर किला जो यहाँ के राजा का पैतृक निवास है, जंतर-मंतर, भारत कला भवन संग्रहालय, सारनाथ जो बुद्ध धर्म से जुड़ा विद्या का बड़ा केंद्र रहा है और डियर पार्क के लिए मशहूर है, भीमा शंकर, इलाहाबाद जो संगम स्नान और कुम्भ मेले के लिए जाना जाता है, कुशीनगर, बोधगया एवं कौशंबी जो गौतम बुद्ध तथा बुद्ध धर्म से सम्बंधित स्थान आदि हैं।

रामनगर किला

तो आइये काशी नगरी और इसके स्वामी ‘विश्वनाथ’ जो मोक्ष और शांति प्रदाता हैं, को शत शत नमन करें क्यूंकि यह एक अद्भुत व पवित्र तीर्थ है जो हर आने वाले की इच्छाएं पूरी करता और पापों, भयों से मुक्ति दिलाता है।

 

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