Pradosha Vrat Vidhi

Liked

Shivangi

See More

Pradosha Vrat Vidhi: 1. प्रदोष व्रत करने के लिए मनुष्य को त्रयोदशी के दिन प्रात: सूर्य उदय से पूर्व उठना चाहिए. 2. स्नान आदि कार्यों से निवृ्त होकर, भगवान श्री भोले नाथ का स्मरण करें. 3. इस व्रत में आहार नहीं लिया जाता है और निर्जल रहकर व्रत किया जाता है. 4. चूँकि श्वेत वस्त्र शिव जी को प्रिय है इसीलिए इस दिन श्वेत वस्त्र धारण करने चाहिए। 5. इसके बाद सायंकाल में विभिन्न पुष्पों, लाल चंदन, हवन और पंचामृत द्वारा भगवान शिवजी की पूजा करनी चाहिए। शिव-पार्वती का ध्यान करना चाहिए। 6. पूरे दिन उपावस रखने के बाद सूर्यास्त से एक घंटा पहले, स्नान आदि कर श्वेत वस्त्र धारण किए जाते है. 7. पूजन स्थल को गंगाजल या स्वच्छ जल से शुद्ध करने के बाद, गाय के गोबर से लीपकर, मंडप तैयार किया जाता है. 8. अब इस मंडप में पांच रंगों का उपयोग करते हुए रंगोली बनाई जाती है. 9. प्रदोष व्रत के लिए कुशा के आसन का प्रयोग किया जाता है. 10. पूजन की तैयारियों के बाद उतर-पूर्व दिशा की ओर मुख करकर, भगवान शंकर का पूजन करना चाहिए. 11. पूजन में भगवान शिव के मंत्र 'ऊँ नम: शिवाय' का जाप करते हुए शिव को जल चढ़ाना चाहिए. 12. मान्यता है कि एक वर्ष तक लगातार यह व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप खत्म हो जाते हैं।

house of god
house of god
SAVE

Preferences

THEME

LANGUAGE