प्रतिक्रमण

Liked

pujya dadashri

See More

प्रश्नकर्ता : मनुष्य को इस जीवन में मुख्यरूप से क्या करना चाहिए? दादाश्री : मन में जैसा हो, वैसा ही वाणी में बोलना चाहिए और वैसा ही वर्तन में करना चाहिए। अगर हमें वाणी में कुछ बोलना है लेकिन मन बिगड़ जाए तो उसके लिए प्रतिक्रमण करना है और प्रतिक्रमण किसका करना है? किसकी साक्षी में करोगे? तब कहें, ‘दादा भगवान’ की साक्षी में प्रतिक्रमण करो। यह जो दिखाई देते हैं, वे ‘दादा भगवान’ नहीं हैं। ये तो भादरण के पटेल हैं, ए.एम.पटेल हैं। ‘दादा भगवान’ भीतर चौदह लोक के नाथ प्रकट हुए हैं, इसलिए उनके नाम से प्रतिक्रमण करो कि, ‘हे दादा भगवान! मेरा मन बिगड़ गया, उसके लिए माफी माँगता हूँ। मुझे माफ कीजिए।’ मैं भी उनका नाम लेकर प्रतिक्रमण करता हूँ।

house of god
house of god
SAVE

Preferences

THEME

LANGUAGE